
News by- भरत विहान दुर्गम-बस्तर के दसापाल गांव में मौत के 3 दिन बाद भी दफ़नाने के लिए जगह नही-हुआ बवाल
News by -भरत विहान दुर्गम
बस्तर के दसापाल गांव में मौत के 3 दिन बाद भी दफ़नाने के लिए जगह नही-हुआ बवाल
बस्तर:-बस्तर जिले के दसापाल गांव में मसीही धर्म के व्यक्ति की अप्रिय घटना से मौत हो जाती है।मौत होने बाद मसीही समाज के होने के कारण विवाद बढ़ जाती है।विवाद का आज तीसरा दिन हो चुका है।
उसके बावजूद समस्या का निराकरण अब तक नही हुई है।आपको दे कि बस्तर जिले के दसापाल गांव में मसीही व्यक्ति की मौत हुई थी।मौत बाद विवाद इसलिए बड़ा की उसकी शव को दसापाल गांव के कब्रिस्तान में दफन करने तक स्थानीय गांव में बजरंग दल एवम कुछ अन्य लोग नही दे रहे है।खास बात यह है कि दसापाल गांव में मसीही समाज के लिए कब्रिस्तान पहले से कई दशक से स्थापित है।
उसके बावजूद यंहा मसीही व्यक्ति के शव को दफन के लिए आज 3 दिन हो चुका है किसी भी अधिकारी स्थानीय स्तर पर संयोगत्मक करने की अभिलाषा नजर नही आ रहा है।वही भीम आर्मी के लोग दसापाल गांव पहुँच स्थानीय लोगो के साथ खडे होकर जय भीम का भारत का संविधान दिखाकर प्रशासन के रवैय्या को बता रहे है कि भारत का संविधान सबके लिए एक बराबर है।उसके बाद भी कोई सयोग नही।अब दसापाल गांव में हालात समय के साथ बेहद बिगड़ते जा रहे है।आज दसापाल गांव में बीच सड़क में जगदलपुर जाने वाले मार्ग पर भीम आर्मी के साथ स्थानीय ग्राम वासियो के द्वारा जमीन में बैठकर अपनी हक के लिए धरना दे रहे है।
धरना में ग्राम वासी कहे रहे है कि लास को कब्र में गाड़ने जगह दो -जगह दो..इसी आवाज के साथ अपनी हक के लिए गाँव वाले अब सड़क में उतर गए है।अब देखना यहा होगा की स्थानीय स्तर से लेकर बस्तर जिले के उच्च अधिकारी कैसी न्याय इस पीड़ित परिवार के साथ करती है।










