देश के चौथे स्तम्ब हर रणनीति से लड़ने को लेकर तैयार

NEWS BY:-BHRAT VIHAAN DURGAM

बीजापुर में पत्रकारों के ऊपर दमन नीति अपनाने वालो से निपटने के लिए बनाई गई बड़ी रणनीति

 

पत्रकारो के नाम पर अपनी चादर होड़ बैट सोशल मीडिया में अपनी रोटी सेखने एवम बखेती करने वालो से हमारा नही है कोई सरोकार

पत्रकारो ने बैठक में लिया निर्णय हर विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार।

बीजापुर:- जिले के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर पत्रकारिता से जुड़ी चुनौतियों और प्रशासनिक रणनीतियों को लेकर बीजापुर में आज पत्रकारों की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बदलते समय में पत्रकारों की भूमिका, मीडिया पर हो रहे बाहरी दबाव, और जमीनी स्तर की पत्रकारिता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने एक स्वर में इस बात पर जोर दिया कि सच्ची और जमीनी पत्रकारिता ही लोकतंत्र की रीढ़ है, जिसे किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों पर बढ़ते खतरे, संगठनात्मक अस्थिरता और प्रशासनिक दवाब के बीच एकता और पेशेवर ईमानदारी ही एकमात्र समाधान है।

बैठक में यह तय किया गया कि पत्रकार एकजुट होकर न सिर्फ अपने हितों की रक्षा करेंगे बल्कि आम जनता की आवाज को भी मजबूती से उठाएंगे। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि तथाकथित “घर बैठे पत्रकारिता” और “मैदान की सच्ची पत्रकारिता” में फर्क को स्पष्ट करते हुए समाज के सामने असली तस्वीर पेश की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ पत्रकार पुष्पा रोकड़े,भरत दुर्गम व.सुनील मार्सकोले, व.बसंत मामडीकार, व. नितिन रोकड़े, व अन्य वरिष्ठ रामचन्द्रम एरोला,  सन्नू हेमला, सतीश मोरला, अभिलाष बघेल रहे ।

वही इस बैठक बाद आने वाले समय में बीजापुर जिले में पत्रकारिता का एक नया चेहरा सामने आएगा, जहां सच्चाई, निष्पक्षता और जनहित को प्राथमिकता दी जाएगी।

आज के दौर में और कल की पत्रकारिता में काफी अंतर है वही बीजापुर के पत्रकारों ने अपने दो वरिष्ठ पत्रकारों को भी खोए है खबरों के दौरान कई उतार चढ़ाव आते हैं प्रदेश स्तर पर भी पत्रकारों पर लगातार हमले हो रहा है । इस पर सरकार दूरदर्शिता से दूर है पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर भी अभी तक सरकार की ओर से कुछ नई कहा गया है । बदलते दौर में डिजिटल इंडिया के साथ कई तरह की पत्रकारिता आज हो रही है । इस पत्रकारिता के दौर में कभी बाइट को लेकर कभी एक पक्ष को लेकर कभी-कभी वीडियो को लेकर वाद विवाद होते हैं जिसे लेकर भी जिला प्रशासन सख्त नहीं है मीडिया में आ रही खबरों को लेकर कार्यवाही की दिशा भी कमजोर है । स्थानीय खबरों से लेकर कई ऐसी खबरें भ्रष्टाचार की भी आती है जिस पर जिला प्रशासन मौन सहमति नजर आती है कार्रवाई दूर-दूर तक नजर नहीं आती हैं।


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