NEWS BY:-Bhrat vihaan durgam

 

बीजापुर में BJP की प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस का पलटवार, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाला विरोध

बीजापुर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देशभर में चल रहे राजनीतिक विवाद का असर अब बीजापुर में भी दिखाई देने लगा है। सोमवार को भाजपा ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस और विपक्ष पर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम करने और भ्रामक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया।जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने खंडन करते चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।इसके बाद कांग्रेस लोगो को बरगलाने का काम कर रही है।

 

इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध मार्च निकालकर भाजपा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

भाजपा कार्यालय अटल सदन में आयोजित प्रेसवार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR समेत प्रमुख निर्णय आयोग के तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष के कई आरोपों पर सवाल खड़े हुए हैं।

भाजपा ने की प्रेस वार्ता

भाजपा ने यह भी कहा कि आयोग के भीतर मतभेद और SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को निर्वाचन आयोग ने खारिज किया है। प्रेसवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष घासीराम नाग, नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी और मीडिया प्रभारी प्रताप यादव मौजूद रहे।

भाजपा की प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस का प्रदर्शन

भाजपा की प्रेसवार्ता के बाद जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नया बस स्टैंड से कलेक्टर कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान भाजपा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की गई और ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम बीजापुर तहसीलदार  को ज्ञापन सौंपते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा कराने तथा कथित वोट चोरी के आरोपों की जांच की मांग की।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है तो भाजपा के पेट में दर्द क्यों हो रहा है।

उन्होंने कहा, “हम चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बात कर रहे हैं, तो भाजपा के पेट में क्यों दर्द हो रहा है? अगर सब कुछ सही है तो जांच से डरने की जरूरत क्या है?”

लालू राठौर ने कहा कि हाल में सामने आई रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से आयोग के भीतर कई मुद्दों पर लिखित आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्ति दर्ज की थी।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने और SIR की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों से जुड़ी है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, उनके कार्यकाल के फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच शामिल है।

वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से इस पूरे विवाद पर यह कहा गया है कि SIR समेत प्रमुख फैसले आयोग के तीनों सदस्यों की पूर्ण सहमति से लिए गए हैं। इसी स्पष्टीकरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

कांग्रेस ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी का आंदोलन कई रूप में जारी रहेगा।

विरोध मार्च में  जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सोमारू राम कश्यप, जिला पंचायत सदस्य लच्छू राम मौर्य, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, जनपद उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी, मीडिया प्रभारी राजेश जैन सहित कांग्रेस के विभिन्न ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारी, पार्षद, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।अब भाजपा और कांग्रेस दोनों आमने सामने हो गए है जिससे राजनीति में सियासत तेज होते हुए नजर आ रही है।

 


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